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AASHU DEEN
AASHU DEEN
3 yrs ·Translate

{ 3 }

शहर फतह करने के बाद सुल्तान ने अपनी दारुलहकूमत एड्रिन से कस्तुनतुनिया शिफ्ट कर ली और खुद को कैसर-ए-रोम का लक़ब दिया। आने वाले दशकों में उस शहर ने वो उरूज देखा जिसने एक बार फिर कदीम ज़माने की यादें ताजा करा दीं।

इसके अलावा, उन्होंने शहर के तबाह हो चुके बुनियादी ढांचे को दोबारा तामीर करवाया, पुरानी नहरों की मरम्मत की और पानी के निकासी के इंतजाम को बेहतर बनाया। उन्होंने बड़े पैमाने पर नयी तामीरात का सिलसिला शुरू किया जिसकी सबसे बड़ी मिसाल तोपकापी महल (Topkapi Palace) और ग्रैंड बाजार है।

कस्तुनतुनिया के जवाल का यूरोप पर गहरा असर पड़ा था। वहां इस सिलसिले में कई किताबें और नजमें लिखी गई थीं और कई पेटिंग्स बनाई गईं जो लोगों की इज्तेमाई शऊर का हिस्सा बन गईं। यही कारण है कि यूरोप इसे कभी नहीं भूल सका। नाटो का अहम हिस्सा होने के बावजूद, सदियों पुराने ज़ख्मों की वजह से यूरोपीय यूनियन तुर्की को अपनाने से आनाकानी से काम लेता है। यूनान में आज भी जुमेरात को मनहूस दिन माना जाता है। क्यूंकि वो तारीख 29 मई 1453 को जुमेरात का ही दिन था।

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AASHU DEEN
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3 yrs ·Translate

{ 2 }
कुस्तुनतुनिया की फ़तेह सिर्फ एक शहर पर एक बादशाह की हुक्मरानी का खात्मा और दूसरे की हुक्मरानी का आगाज़ नहीं था। इस वाक्ये के साथ ही दुनिया की तारीख का एक अध्याय खत्म हुआ और दूसरे का आगाज़ हुआ। एक तरफ 27 ईसा पूर्व में कायम हुआ रोमन byzantine empire 1480 साल तक किसी न किसी रूप में बने रहने के बाद अपने अंजाम तक पहुंचा। तो दूसरी ओर सल्तनते उस्मानिया ने अपने बुलंदियों को छुआ और वह अगली चार सदियों तक तक तीन बार्रेअज़ामों (Continents), एशिया, यूरोप और अफ्रीका के एक बड़े हिस्से पर बड़ी शान से हुकूमत करती रही।

1453 ही वो साल था जिसे मध्यकाल के अंत और नए दौर की शुरुआत का आगाज़ माना जाता है। सिर्फ यही नहीं बल्कि कुस्तुनतुनिया की फ़तेह को फौजी तारीख में एक मील का पत्थर भी माना जाता है क्योंकि उसके बाद ये साबित हो गया कि अब बारूद के इस्तेमाल और बड़ी तोपों की गोलाबारी के बाद दीवारें किसी शहर की हिफाज़त के लिए नाकाफी है

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AASHU DEEN
AASHU DEEN
3 yrs ·Translate

لَتُفْتَحَنَّ القسطنطينيةُ، ولِنعْمَ الأميرُ أميرُها، ولنعمَ الجيشُ ذلكَ الجيشُ
तर्जुमा : "कुस्तुनतुनिया जरूर फतह होगा, उसका अमीर क्या ही अच्छा अमीर होगा, और वह लश्कर क्या ही अच्छा लश्कर होगा।"

सुल्तान मुहम्मद फातेह का नाम ज़ेहन पर आते ही आपके दिमाग में कुस्तुंतनिया की फतह का मंजर दिमाग में घूमने लगता होगा। दरअसल सुल्तान को तारीख में उनके इसी कारनामे के लिए ही याद किया जाता है।

कुस्तुनतुनिया फतह करने के बाद सुल्तान मोहम्मद फ़तेह सफेद घोड़े पर अपने वज़ीरों और सरदारों के साथ आया सोफिया (Hagia Sophia) चर्च पहुंचे। मरकज़ी दरवाजे के करीब पहुंचकर वह घोड़े से नीचे उतरे और सड़क से एक मुट्ठी धूल लेकर अपनी पगड़ी पर डाल दी। उनके साथियों की आंखों से आँसू बहने लगे। 700 सालों की मुसलसल कोशिशों के बाद मुसलमान आखिरकार कुस्तुनतुनिया फतह कर चुके थे।
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AASHU DEEN
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3 yrs ·Translate

कतर में इस समय दुनिया भर से आए फुटबॉल प्रेमियों का जमावड़ा लगा है. कतर में फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप का शोर जोरों पर है, इसी बीच केरल की रहने वाली एक महिला अपने कस्टमाइज महिंद्रा थार को केरल से लेकर कतर पहुंच गई. मध्य-एशिया के इस देश की सरज़मी पर ये पहली राइट-हैंड ड्राइव महिंद्रा थार थी. रिपोर्ट्स के अनुसार अपने चहेते खिलाड़ी लियोनेल मेसी के गेम और फुटबॉल के प्रति इस पांच बच्चों के मां की दीवानगी देख हर कोई हैरान है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केरल की रहने वाली नाज़ी नौशी को फुटबॉल का खूब शौक है और वो लियोनेल मेसी की फैन हैं।

बस अपने इसी दीवानगी के चलते नौशी ने केरल से कतर तक का सफर तय किया है. बताया जा रहा है कि, नौशी के इस यात्रा को खुद परिवहन मंत्री एंटनी राजू ने हरी झंडी दिखाई. कोयम्बटूर से मुंबई पहुंचने के बाद नौशी अपने महिंद्रा थार के साथ शिप से ओमान पहुंची. इसके बाद उन्होने सड़क मार्ग से बहरीन, कुवैत, सउदी अरब होते हुए कतर तक का सफर तय किया. नौशी ने इस सफर पर निकलने से पहले मीडिया को दिए अपने बयान में कहा था कि, "मेरी योजना 10 दिसंबर तक कतर पहुंचने और फिनाले देखने की है. मैं इस यात्रा को लेकर बहुत उत्साहित हूं. मैं अर्जेंटीना और लियोनेल मेसी की फैन हूं और वास्तव में अपनी पसंदीदा टीम को कप उठाते हुए देखना चाहती हूं." वह 31 दिसंबर तक कतर में रुकेंगी.

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Naseem Ahmad
Naseem Ahmad    changed his profile picture
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Råshîd Khäñ R
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Naseem Ahmad
Naseem Ahmad  
3 yrs ·Translate

चाकू, खंजर, तीर और तलवार लड़ रहे थे कि कौन ज्यादा गहरा घाव देता है,,,,, शब्द पीछे बैठे मुस्कुरा रहे थे !

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Arbaz Hussain
Arbaz Hussain  
3 yrs ·Translate
खूबसूरती फिल्टर्स से नहीं
दिल से होनी चाहिए!!
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My Village Press
My Village Press  
3 yrs ·Youtube

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Moin khan avi
Moin khan avi  changed his profile picture
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