🕔 30 नवंबर 1920 ई.
जंग ए आज़ादी के क़द्दावर नेता,तेहरीक ए रेशमी रुमाल के स्तून और #जामिया_मिल्लिया_इस्लामिया की संग ए बुनियाद डालने वाले शेख उल हिन्द हज़रत मौलाना महमूद हसन रह० की यौम ए वफ़ात पर ख़िराज ए अक़ीदत.
#महमूद_अल_हसन: जिन्हें महमूद हसन भी कहा जाता है, (1851 - 30 नवंबर 192 महमूद मुस्लिम धर्मगुरु एवं विद्धान थे जो भारत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ सक्रिय थे.उनके प्रयासों और छात्रवृत्ति के लिए उन्हें केंद्रीय खिलाफत समिति द्वारा
#शेख_अल_हिंद\" ("भारत का शेख" शीर्षक दिया गया था).
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